लेह। आधुनिक पोषण विशेषज्ञों ने लद्दाख के पारंपरिक आहार को ‘सुपरफूड’ का दर्जा दिया है। पारंपरिक सूप ‘स्काई’ और ‘थुकपा’ तथा याक पनीर ‘छुर्पी’ शरीर को माइनस 30 डिग्री में भी मजबूत और स्वस्थ बनाए रखते हैं।
लद्दाखी खान-पान की पौष्टिकता: स्काई, थुकपा और छुर्पी के सेवन से सर्दियों में मिलती है प्राकृतिक ऊर्जा
माइनस तापमान में शरीर को गर्म रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में लद्दाख के पारंपरिक आहार का कोई मुकाबला नहीं है।
लेह लद्दाख टाइम्स विशेष रिपोर्ट • फोटो साभार: विशेष संवाददाता
